मुख्य सामग्री पर जाएं

अनुशासन

खुद पर सख्ती किए बिना अनुशासन बनाएँ।

इरादों को तय दिनचर्या में बदलें, फ़ोकस के लिए समय बचाएँ और छोटे वादे निभाने की आदत बनाएँ।

App Store से डाउनलोड करेंGoogle Play से डाउनलोड करें
Mom Clock में अनुशासन की सुविधाएँ

वादे को साफ़ बनाएँशुरू होने से पहले काम, समय और ज़रूरी सीमाएँ तय करें।

बार-बार खुद से बहस कम करेंरिमाइंडर, फ़ोकस के समय और ऐप ब्लॉकिंग से वही फ़ैसला बार-बार नहीं लेना पड़ता।

छूट जाए तो जल्दी लौटेंएक बार छूटने से ज़्यादा मायने रखता है कि आप दोबारा कब शुरू करते हैं।

Mom Clock रोज़ साथ निभाने में कैसे मदद करता है

Mom Clock में वादों और दिनचर्या की स्क्रीन

एक आम दिन में अनुशासन ऐसा दिख सकता है

  1. सुबह 7:30

    वादा: उठते ही फ़ोन नहीं देखना।

    सोशल ऐप सुबह 8 बजे तक ब्लॉक।

  2. दोपहर 2:00

    वादा: 45 मिनट पढ़ना।

    फ़ोकस सेशन शुरू करके चुने हुए ऐप ब्लॉक करें।

  3. शाम 6:30

    वादा: बीस मिनट चलना-फिरना, इतना आसान कि थकान में भी हो सके।

  4. रात 10:30

    वादा: फ़ोन अलग रखना।

    चुने हुए ऐप अगली सुबह तक ब्लॉक रहें।

आज खुद से किया एक छोटा वादा निभाएँ।

एक काम चुनें। Mom Clock उसके लिए समय निकालने और उसे करने में मदद करेगा।

App Store से डाउनलोड करेंGoogle Play से डाउनलोड करें

आपके सवालों के जवाब

क्या अनुशासन और प्रेरणा एक ही हैं?

नहीं। प्रेरणा उस समय कुछ करने की इच्छा है। अनुशासन उस इच्छा के बदलने पर भी काम करना है।

अनुशासन बनने में कितना समय लगता है?

कोई एक दिन नहीं जब सब अचानक बदल जाए। एक दोहराने लायक काम करें और मुश्किल हो तो तरीका बदलें।

दिनचर्या टूट जाए तो क्या करें?

अगले व्यावहारिक मौके पर जारी रखें। एक चूक के लिए सज़ा या सब नए सिरे से शुरू करना ज़रूरी नहीं।

क्या कई आदतें एक साथ बनाएँ?

कम बदलावों से शुरू करें ताकि समझ सकें क्या काम करता है। पहली आदत दिन में टिक जाए, तब दूसरी जोड़ें।

क्या अनुशासन हमेशा कठिन होता है?

कभी-कभी। लेकिन साफ़ समय, छोटा काम और तैयार माहौल बेवजह की मेहनत कम करते हैं।